
बंजार (कुल्लू)। जिला स्तरीय बंजार मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या में पिंकी भंडारी ने शानदार गायकी से खूब रंग जमाया। उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मी और पहाड़ी गीत गाए। पिंकी भंडारी ने मंच पर सबसे पहले अपनी एलबम के गीतों की प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने..हो लाल मेरी, ….कुड़ियां शहर दियां,..साहिबा रा लड़का ,..सैंज लागा देहुरी मेला,..बालम वे दर्दी,…गिरी रे गिरी सर से गागर गिरी, …घर पौडू तेरा झुरिए दूर धारा न हो तथा …पानी रे नाला गीत गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या में दर्शकों की भीड़ भी खूब उमड़ी थी। आलम यह था कि शृंगा ऋषि कलाकेंद्र हाल में तिल धरने को जगह नहीं बची थी। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। बंजार मेले की चौथी संध्या के मुख्यातिथि जिला परिषद अध्यक्ष हरि चंद शर्मा रहे। शिमला से आए हास्य कलाकार राकेश ने दर्शकों को खूब हंसाया। ममता और केशव ने भी शानदार प्रस्तुतियां देकर अपने आवाज का डंगा बजाया।
स्थानीय कलाकार करतार कौशल ने … कुल्लू-मनाली लागा मेला और …नाचदी रहे मेरी धिंगा धिंगिए से खासकर युवा दर्शकों को नाचने पर विवश किया। गायक गोपी चंद और गाड़ागुशैणी के कलाकार जीत की प्रस्तुति भी दमदार रही। कुल्लू के जरी के गायक तुलसी ने …हाल क्या है दिलों का सनम फिल्मी गीत पर तालियां बटोरी। इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष भोपाल ठाकुर, उपाध्यक्ष किशन ठाकुर और देवता कमेटी के उपाध्यक्ष मोहर सिंह पुजारी सहित कमेटी के सदस्यों तथा अन्य गणमान्य लोगों ने संध्या का भरपूर लुत्फ उठाया।
